साल 2024 आते-आते सोशल मीडिया पर एक नाम ने तहलका मचा दिया – । एक तरफ जहां भारतीय समाज में महिलाओं के लिए साड़ी को ‘मर्यादित’ और ‘सुरक्षित’ पहनावा माना जाता है, वहीं बाइक को ‘बहादुरी’ और ‘जोखिम’ का प्रतीक। हीरल ने इन दोनों को एक साथ लाकर ‘राइडिंग इन साड़ी’ का एक अभूतपूर्व उदाहरण पेश किया। उनका वीडियो वायरल होते ही हर प्लेटफॉर्म पर बहस छिड़ गई। यह लेख हीरल राडडिया की इस यात्रा, उनके साहस, विवादों और 2024 में महिलाओं के लिए इसके संदेश को विस्तार से कवर करता है।

एक दिन हीरल ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह पहनकर एक स्कूटी नहीं, बल्कि पुरुष-प्रधान मानी जाने वाली बुलेट बाइक चला रही थीं। वीडियो का शीर्षक था – “राइडिंग इन साड़ी – हीरल राडडिया 2024” ।

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